Physics all derivations class 12 in Hindi || भौतिकी के सभी व्यंजक - 2026
Physics all derivations class 12 in Hindi || भौतिकी के सभी व्यंजक - 2026
- कूलॉम का नियम (Coulamb’s Law)
- कूलॉम के नियम का सदिश स्वरूप का व्यंजक
- बहुल आवेशों के बीच बल का व्यंजक : अध्यारोपण का सिद्धांत
- किसी (एकल) बिन्दु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक
- विद्युत द्विध्रुव के कारण अक्षीय (अनुधैर्य) स्थित में किसी बिंदु पर उत्पन्न विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक
- विद्युत द्विध्रुव के कारण निरक्षीय (अनुप्रस्थ) स्थित में किसी बिंदु पर उत्पन्न विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक
- विद्युत द्विध्रुव के कारण किसी भी बिंदु पर उत्पन्न विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक
- एकसमान बाह्य विद्युत क्षेत्र में रखे विद्युत द्विध्रुव पर लगने वाले बलयुग्म के आघूर्ण का व्यंजक
- घन कोण का व्यंजक (स्टेरेडियन की परिभाषा),
- विद्युत फ्लक्स का व्यंजक (विद्युत फ्लक्स का मात्रक एवं विमा),
- गॉस की प्रमेय अथवा गॉस का नियम,
- गॉस के नियम के अनुप्रयोग
- (i) अनन्त लम्बाई के एकसमान आवेशित सीधे तार के निकट विद्युत क्षेत्र की तीव्रता,
- (ii) अनन्त विस्तार की समतल आवेशित अचालक चादर (प्लेट) के निकट विद्युत क्षेत्र की तीव्रता
- (iii) आवेशित चालक के ठीक बाहर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता,
- (iv) समान पृष्ठ घनत्व की धन तथा ऋण आवेशित समान्तर अचालक प्लेटों के बीच तथा बाहर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता
- (v) एकसमान रूप से आवेशित गोलीय कोश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता अथवा बिन्दु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता
- (vi) एकसमान आवेशित अचालक गोले के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता,
- गॉस के नियम से कूलॉम के नियम का निगमन।
- विद्युत क्षेत्र में दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर का व्यंजक
- विद्युत क्षेत्र में दो बिन्दुओं के बीच एक आवेश को ले जाने में किया गया कार्य तथा प्राप्त वेग
- एकल बिन्दु आवेश के कारण किसी बिन्दु पर विद्युत विभव
- बिन्दु आवेशों के समूह के कारण विद्युत विभव
- स्थिर विद्युत स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक
- विभव प्रवणता : विभव प्रवणता तथा विद्युत क्षेत्र की तीव्रता में सम्बन्ध का व्यंजक
- विद्युत क्षेत्र के रेखीय समाकलन के रूप में विद्युत विभव
- विद्युत द्विध्रुव के कारण विद्युत विभव:
- (i)विद्युत द्विध्रुव की अक्षीय स्थिति में किसी बिन्दु पर विद्युत विभव
- (ii)विद्युत द्विध्रुव की निरक्षीय स्थिति में किसी बिन्दु पर विद्युत विभव
- (iii)विद्युत द्विध्रुव के किसी भी बिन्दु पर विद्युत विभव
- एकसमान बाह्य विद्युत क्षेत्र में विद्युत द्विध्रुव को घुमाने में किया गया कार्य
- विद्युत क्षेत्र में विद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा।
- विलगित गोलीय चालक की धारिता का व्यंजक
- आवेशित चालक की विद्युत स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक
- दो आवेशित चालकों को एक दूसरे से जोड़ने पर आवेशों का पुनर्वितरण उभयनिष्ठ विभव तथा ऊर्जा का ह्रास
- संधारित्र की धारिता का व्यंजक
- समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता का व्यंजक
- संधारित्र के परावैद्युत पर प्रेरित आवेश
- संधारित्र की धारिता पर परावैद्युत का प्रभाव (व्यंजक)
- समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता जब उसकी प्लेटों के बीच आंशिक रूप से परावैद्युत पदार्थ रखा हो (व्यंजक)
- आवेशित संधारित्र की स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक
- आवेशित समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र में ऊर्जा घनत्व का व्यंजक
- आवेशित समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच बल का व्यंजक
- संधारित्रों के संयोजन (श्रेणीक्रम, समांतर क्रम) का व्यंजक
- विद्युत धारा q=it का निगमन
- मुक्त इलेक्ट्रॉनों के अपवाह (अथवा अनुगमन) वेग तथा विद्युत धारा में सम्बन्ध का व्यंजक
- मुक्त इलेक्ट्रॉनों के अपवाह (अथवा अनुगमन) वेग तथा धारा घनत्व में सम्बन्ध का व्यंजक
- चालन धारा तथा विस्थापन धारा में सम्बन्ध का व्यंजक
- ओम के नियम का व्यंजक
- अनुगमन वेग के आधार पर ओम के नियम का व्यंजक
- विद्युत धारा, शक्ति तथा प्रतिरोध में सम्बन्ध का व्यंजक
- सेल के टर्मिनल विभवान्तर, विद्युत वाहक बल तथा आंतरिक प्रतिरोध में सम्बन्ध (EVir) का व्यंजक
- विद्युत सेलों के संयोजन: विद्युत सेलों का श्रेणीक्रम संयोजन का व्यंजक
- विद्युत सेलों का समांतर/पार्श्व क्रम संयोजन का व्यंजक
- विद्युत सेलों का मिश्रित क्रम संयोजन का व्यंजक
- किरचॉफ के नियम (सन्धि या धारा नियम तथा पाश या वोल्टता नियम : व्यंजक)
- व्हीटस्टोन सेतु के सिद्धान्त का व्यंजक
- उपयोग, (धारा नियंत्रक तथा विभवमापी), विभवमापी के उपयोग, विभवमापी की वोल्टमीटर पर श्रेष्ठता।
- धारावाहिक चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र (बायो सेवर्ट नियम का व्यंजक)
- बायो सेवर्ट के नियम के अनुप्रयोग :
- (i) परिमित लंबाई के रिजर्वेशन धारावाही चालक के कारण चुम्बकीय क्षेत्र,
- (ii) वृत्ताकार धारावाहिक कुंडली की अक्षय की अनुदिश चुम्बकीय क्षेत्र
- (iii) धारावाहिक वृताकार लूप अथवा कुंडली के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र (स्वतंत्र निगमन),
- एम्पियर का परिपथीय नियम का व्यंजक
- एम्पियर के परिपथ नियम के अनुप्रयोग: (i) अनन्त लम्बाई के सीधे धारावाही तार के कारण चुम्बकीय क्षेत्र
- (ii) लंबी परिनालिका के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र
- एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर बल (लॉरेंज बल),
- एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में आवेशित कण की गति
- आवेशित कण की गति पर चुम्बकीय एवं विद्युत क्षेत्रों का संयुक्त प्रभाव
- एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल,
- दो समान्तर धारावाहिक तारों के बीच बल (एम्पियर की परिभाषा)
- एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाहिक लूप पर बल युग्म का आघूर्ण
- चल कुंडली धारामापी के लिए व्यंजक
- धारामापी का अमीटर में रूपांतरण
- धारामापी का वोल्टमीटर में रूपांतरण
- धारा लूप चुम्बकीय द्विध्रुव के रूप में,
- एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित चुम्बकीय द्विध्रुव पर लगने वाले बल का आघूर्ण
- बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में चुम्बकीय द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा
- चुम्बकीय द्विध्रुव के कारण चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता (अक्षीय तथा निरक्षीय स्थिति)
- तुल्यांकी धारावाही परिनालिका के रूप में छड़ चुम्बक (व्यंजक)
- पृथ्वी के चुम्बकत्व के अवयव
- (i) दिकपात कोण चुंबकीय याम्योत्तर / भौगोलिक याम्योत्तर
- (ii) नमन कोण या नति कोण
- (iii) पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के क्षैतिज घटक
- वास्तविक तथा आभासी नमन कोण (व्यंजक)
- सापेक्ष चुम्बकशीलता तथा चुम्बकीय सुग्राहिता या चुम्बकीय प्रवृत्ति में सम्बन्ध
- चुम्बकीय फ्लक्स का व्यंजक
- फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम
- चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन का सूत्र
- प्रेरित विद्युत वाहक बल प्रेरित धारा तथा प्रेरित आवेश
- एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में गतिशील ऋजुरेखीय चालक तार के सिरों के बीच उत्पन्न प्रेरित विद्युत वाहक बल
- लॉरेंज बल के आधार पर विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की व्याख्या : फैराडे के नियम की उत्पत्ति
- समतल कुंडली का स्वप्रेरकत्व
- लम्बी परनालिका का स्वप्रेरकत्व
- कुंडली में संचित स्थितिज ऊर्जा
- प्रेरकों के श्रेणीक्रम तथा समान्तर क्रम संयोजन
- अन्योंन प्रेरण
- दो समाक्ष परनालिकाओं के बीच अन्योंन प्रेरकत्व
- चुम्बकीय क्षेत्र में अपनी अक्ष के परितः घूमती कुंडली के सिरों के बीच प्रेरित विद्युत वाहक बल अथवा प्रत्यावर्ती वोल्टेज
- प्रत्यावर्ती धारा का माध्य अथवा औसत मान
- प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान (अर्द्धचक्र एवं पूर्ण चक्र)
- प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में वोल्टेज V तथा धारा i के बीच कलांतर
- कला समंजक तथा कला आरेख
- विभिन्न प्रकार के प्रत्यावर्ती धारा परिपथ
- जब परिपथ में केवल शुद्ध प्रतिरोध R है
- जब परिपथ में केवल स्वप्रेरकत्व L है,
- प्रेरण प्रतिघात
- जब परिपथ में केवल धारिता C है
- जब परिपथ में धारिता C तथा प्रतिरोध R दोनों श्रेणीक्रम में हैं
- जब परिपथ में प्रेरकत्व L तथा धारिता C श्रेणीक्रम में हैं,
- जब परिपथ में प्रेरकत्व L, धारिता C तथा प्रतिरोध R श्रेणीक्रम हैं
- प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में शक्ति अथवा सामर्थ्य,
- जब परिपथ में केवल शुद्ध प्रतिरोध है
- श्रेणीबद्ध LCR अनुनादी परिपथ,
- ट्रांसफार्मर में परिणमन अनुपात एवं दक्षता का सूत्र
- विस्थापन धारा एवं विस्थापन धारा की आवश्यकता (एम्पियर मैक्सवेल परिपथीय नियम)
- मैक्सवेल का प्रकाश के सम्बन्ध में विद्युत चुम्बकीय तरंग सिद्धांत
- मुक्त आकाश में E तथा B के परिणामों के बीच सम्बन्ध
- विद्युत चुम्बकीय तरंगों में ऊर्जा घनत्व
- विद्युत चुम्बकीय तरंगों की अनुप्रस्थ प्रकृति
- विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम।
- फोकस दूरी f तथा वक्रता त्रिज्या R में सम्बन्ध :
- अवतल दर्पण के लिए सूत्र
- उत्तल दर्पण के लिए सूत्र : गोलीय दर्पण के लिए फोकस दूरी तथा दर्पण से वस्तु और प्रतिबिंब की दूरियों में सम्बन्ध (अवतल/उत्तल)
- रेखीय आवर्धन का व्यंजक
- प्रकाश का अपवर्तन का सूत्र स्नैल का नियम
- प्रकाश किरणों की उत्क्रमणीयता का व्यंजक
- द्रव में रखी वस्तु की आभासी गहराई का सूत्र
- पार्श्विक विस्थापन के लिए व्यंजक
- क्रांतिक कोण का सूत्र तथा पूर्ण आंतरिक परावर्तन
- गोलीय अवतल पृष्ठ पर अपवर्तन का व्यंजक
- गोलीय उत्तल पृष्ठ पर अपवर्तन का व्यंजक
- लेंस के फोकस तथा फोकस दूरी में सम्बन्ध का व्यंजक
- पतले लेंस द्वारा प्रकाश के अपवर्तन का व्यंजक : लेंस मेकर सूत्र (जब माध्यम समान हों)
- पतले लेंस द्वारा प्रकाश के अपवर्तन का व्यंजक : लेंस मेकर सूत्र (जब माध्यम भिन्न हों)
- उत्तल/ अवतल लेंस का रेखीय आवर्धन
- संपर्क में रख दो पतले लेंसों की संयुक्त फोकस दूरी, लेंस तथा दर्पण का संयोजन
- प्रिज्म द्वारा प्रकाश के अपवर्तन के लिए व्यंजक
- सूर्य के श्वेत प्रकाश का प्रिज्म द्वारा विचलन तथा परिक्षेपण का सूत्र
- किसी प्रिज्म की वर्ण विक्षेपण अथवा परिक्षेपण क्षमता का व्यंजक
- विभिन्न प्रकार के दृष्टि दोष तथा उसका निवारण (निगमन नहीं)
- यौगिक अथवा संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के लिए आवर्धन का व्यंजक
- खगोलीय दूरदर्शी के लिए आवर्धन का व्यंजक
- अपवर्ती दूरदर्शी के लिए आवर्धन का व्यंजक
- परावर्ती दूरदर्शी के लिए आवर्धन का व्यंजक
- हाइगेंस के द्वितीय तरंगिकाओं के सिद्धांत द्वारा तरंगों के परावर्तन की व्याख्या
- हाइगेंस के द्वितीयक तरंगिकाओं के सिद्धांत द्वारा तरंगों के अपवर्तन की व्याख्या
- प्रकाश के एक मार्ग में जाने पर तरंगदैर्ध्य पर प्रभाव
- दो तरंगों का व्यतिकरण में परिणामी तीव्रता का व्यंजक संपोषी तथा विनाशी व्यतिकरण के लिए आवश्यक शर्तें
- फ्रिंज चौड़ाई नाप कर प्रकाश की तरंगदैर्ध्य ज्ञात करना : यंग के द्विक स्लिट/झिर्री/रेखा छिद्र प्रयोग में प्राप्त व्यतिकरण फ्रिंजों की चौड़ाई हेतु व्यंजक
- एक व्यतिकारी पुंज के मार्ग में पतली पारदर्शक प्लेट रखने का प्रभाव
- एकल झिर्री के कारण प्रकाश के विवर्तन का व्यंजक
- परावर्तन द्वारा प्रकाश का ध्रुवण : ब्रुस्टर का नियम
- मैलस का नियम
- आइंस्टीन का प्रकाश विद्युत समीकरण
- डी ब्रोग्ली तरंगों का प्रायोगिक प्रदर्शन
- नाभिक के आकार का आकलन +सूत्र
- बोहर का परमाणु मॉडल : (बोहर का क्वांटमीकरण प्रतिबंध एवं आवृत्ति प्रतिबंध)
- हाइड्रोजन सदृश परमाणुओं का बोहर का सिद्धांत : हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम कक्षा/ nवीं की त्रिज्या के लिए व्यंजक तथा आवृत्ति के लिए व्यंजक
- हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम की विभिन्न श्रेणियां के लिए तरंगदैर्ध्य का सूत्र
- उत्सर्जन तथा अवशोषण संक्रमण : उत्सर्जन तथा अवशोषण संक्रमणों में तरंगदैर्ध्य आकलन
- नाभिक का आकार एवं घनत्व
- रेडियोएक्टिव पदार्थ के लिए अर्द्धआयु एवं क्षय-नियतांक में सम्बन्ध
- रेडियोएक्टिव क्षय के सम्बन्ध में रदरफोर्ड तथा सोडी का नियम
- नाभिक की द्रव्यमान क्षति तथा बंधन ऊर्जा
- एल्फा कण की प्रति न्यूक्लियान बंधन ऊर्जा
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