अध्याय 1 रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण विज्ञान कक्षा 10 || NCERT Science Class 10th UP Board Chapter 1 Notes in Hindi.
अध्याय 1 रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण विज्ञान कक्षा 10 || NCERT Science Class 10th UP Board Chapter 1 Notes in Hindi.
Unit – 1 रासायनिक पदार्थ एवं व्यवहार
अध्याय – 1 रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण
रासायनिक समीकरण (Chemical Equations) :-
किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों को संकेत एवं सूत्रों की सहायता से उस अभिक्रिया का संक्षिप्त निरूपण करना, रासायनिक समीकरण कहलाता है।
अथवा जब किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारक एवं उत्पाद की जगह उनके संकेतों और रासायनिक सूत्रों का उपयोग करके लिखते हैं, तो उसे रासायनिक समीकरण कहते हैं।
अथवा जब किसी रासायनिक अभिक्रिया को प्रतीकों और रासायनिक सूत्रों की सहायता से संक्षेप में दर्शाया जाता है, तो उसे रासायनिक समीकरण कहते हैं।
अथवा रासायनिक अभिक्रिया को प्रतीकों और रासायनिक सूत्रों द्वारा प्रदर्शित करना रासायनिक समीकरण कहलाता है।
अथवा रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों (अभिकारकों) और अभिक्रिया के फलस्वरुप बनने वाले नए पदार्थों (उत्पादों) को संक्षिप्त रूप में प्रतीकों और सूत्रों के माध्यम से प्रदर्शित करना, रासायनिक समीकरण कहलाता है।
जैसे- $2H_2+O_2→2H_2 O$$2H_2+O_2→2H_2 O$
$2H_2+O_2→2H_2 O$
नोट :- रासायनिक समीकरण में दोनों ओर परमाणुओं की संख्या समान होती है।
रासायनिक समीकरण लिखना (Writing Chemical Equations)
रासायनिक समीकरण कैसे लिखा जाता है? (रासायनिक समीकरण लिखने के नियम लिखिये?)
रासायनिक समीकरण को लिखने के लिए निम्नलिखित नियम या चरण होते हैं—
- रासायनिक समीकरण में अभिकारकों तथा उत्पादों के बीच तीर का चिन्ह (→) लगाया जाता है। अभिकारकों बाई और लिखा जाता है।
- दो या दो से अधिक अभिकारकों के बीच (+) चिन्ह को लगाया जाता है।
- अभिक्रिया के फलस्वरुप बनने वाले उत्पाद को तीर (→) लगाकर दाईं ओर लिखा जाता है।
- रासायनिक समीकरण में पदार्थ की भौतिक अवस्थाओं को व्यक्त करने के लिए उन्हें कोष्टक में लिखा जाता है। जैसे ठोस के लिए (s), द्रव के लिए (l), गैस के लिए (g), तथा विलयन के लिए (aq) लिखते हैं।
- किसी विशेष ताप, दाब, उत्प्रेरक को तीर (→) के ऊपर या नीचे लिखा जाता है।
- अन्त में रासायनिक समीकरण को उचित गुणांक लगाकर संतुलित किया जाता है।
(ii) $Zn+H_2 SO_4→ZnSO_4+H_2 $
रासायनिक समीकरण के मुख्य भाग (Main Parts of a Chemical Equation)
रासायनिक समीकरण के दो मुख्य भाग होते हैं।
- अभिकारक (Reactants)
- उत्पाद (Products)
अभिकारक और उत्पाद (Reactants and Products)
अभिकारक (Reactants) :-
किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले प्रारंभिक (मूल) पदार्थों को अभिकारक कहते हैं।
अथवा किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले प्रारंभिक (मूल) पदार्थ को अभिकारक कहते हैं।
अथवा वे पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं अभिकारक कहलाते हैं।
अथवा रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों को अभिकारक कहते हैं।
जैसे- $ 2H_2+O_2→2H_2 O$नोट :- रासायनिक समीकरण में अभिकारकों को सदैव बाईं ओर लिखा जाता है और उनके बीच (+) का चिन्ह लगाया जाता है।
जैसे- $CaCO_3→CaO+CO_2 $उत्पाद (Products) :-
किसी रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरुप बनने वाले किसी अन्य नए पदार्थ को उत्पाद कहते हैं। जो रासायनिक गुणों में मूल पदार्थ से पूर्णतः भिन्न होते हैं।
अथवा किसी रासायनिक अभिक्रिया के दौरान बने नए रासायनिक पदार्थों को उत्पाद कहते हैं।
अथवा रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरुप बने पदार्थ को उत्पाद कहते हैं।
अर्थात जो पदार्थ रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं वे अभिकारक (Reactants) कहलाते हैं; और जो नए पदार्थ बनते हैं, वे उत्पाद (Products) कहलाते हैं।
जैसे- $ 2H_2+O_2→2H_2 O$नोट :- रासायनिक समीकरण में उत्पादों को सदैव दाईं ओर एक तीर (→) लगाकर लिखा जाता है।
रासायनिक समीकरण के प्रकार (Types of Chemical Equations)
तत्वों के परमाणुओं की संख्या के आधार पर रासायनिक समीकरण दो प्रकार के होते हैं।
- संतुलित या कंकाली रासायनिक समीकरण
- असंतुलित रासायनिक समीकरण
(1) असंतुलित रासायनिक समीकरण (या कंकाली रासायनिक समीकरण) :-
किसी भी असंतुलित रासायनिक समीकरण को कंकाली रासायनिक समीकरण कहते हैं।
अथवा जब अभिकारकों व उत्पादों को रासायनिक सूत्र के रूप में लिखकर रासायनिक समीकरण में प्रदर्शित किया जाता है, तो ऐसा समीकरण कंकाली रासायनिक समीकरण कहलाता है।
अथवा यदि किसी रासायनिक समीकरण में दोनों और परमाणुओं की संख्या असमान (असंतुलित) हो, तो उसे कंकाली रासायनिक समीकरण कहते हैं।
अथवा यदि किसी रासायनिक अभिक्रिया में दोनों और के तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान ना हो तो इस समीकरण को असंतुलित समीकरण या कंकाली समीकरण कहते हैं।
$2H_2+O_2→2H_2 O$(2) संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced Chemical Equation) :-
ऐसा रासायनिक समीकरण जिसमें प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बाईं ओर व दाईं ओर समान (बराबर) हो संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है।
अथवा वह रासायनिक समीकरण जिसमें अधिकार को और उत्पादन में विभिन्न तत्वों की परमाणुओं की संख्या बराबर होती है उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।
अथवा जब किसी रासायनिक समीकरण में विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या बाईं ओर (LHS) व दाईं ओर (RHS) में बराबर होती है, तो उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।
रासायनिक समीकरण को संतुलित क्यों किया जाता है? (रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?)
उत्तर :-किसी रासायनिक समीकरण को द्रव्यमान संरक्षण के नियम को संतुष्ट करने के लिए संतुलित किया जाता है।
अथवा द्रव्यमान संरक्षण के नियम को संतुष्ट करने के लिए समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है। इस नियम के अनुसार दोनों पक्षों में अर्थात अभिकारकों तथा उत्पादों के द्रव्यमान समान होने चाहिए। यह तभी संभव है जब दोनों और तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान हो।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम (द्रव्यमान संरक्षण का सिद्धान्त) :-
द्रव्यमान संरक्षण के नियम को फ्रांसीसी रसायन वैज्ञानिक एटोनी लैवोजियर ने सन 1789 में प्रस्तुत किया था।
द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार “किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।”
अथवा किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान संरक्षित रहता है अर्थात अभिक्रिया के पश्चात पूर्ण द्रव्यमान अप्रभावित रहता है। इसे द्रव्यमान संरक्षण का नियम या सिद्धांत कहते हैं।
अथवा किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश होता है। अर्थात किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान, उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है। इसे द्रव्यमान संरक्षण का नियम या सिद्धांत कहते हैं।
अथवा रासायनिक अभिक्रिया के पहले अभिकारकों के द्रव्यमान का योग, रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरुप बने उत्पादों के द्रव्यमान के योग के बराबर होता है। इसे द्रव्यमान संरक्षण का नियम या सिद्धांत कहते हैं।
रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reactions) :-
जब एक या एक से अधिक पदार्थ आपस में क्रिया करके नए पदार्थ बनाते हैं, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
रासायनिक अभिक्रिया के संकेत (Signs /Characteristics of Chemical Reactions) :-
रासायनिक अभिक्रिया होने के नियम के संकेत होते हैं–
- रंग में परिवर्तन।
- तापमान में परिवर्तन
- गैस का निकलना।
- अवक्षेप का बनना।
- प्रकाश उत्पन्न होना।
रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार (Types of Chemical Reactions)
रासायनिक अभिक्रिया निम्नलिखित प्रकार की होती हैं—
- संयोजन अभिक्रिया।
- वियोजन या विघटन अभिक्रिया।
- विस्थापन अभिक्रिया।
- द्वि विस्थापन अभिक्रिया।
- उपचयन या अपचयन अभिक्रिया।
- रेडॉक्स अभिक्रिया।
(1) संयोजन अभिक्रिया (Combination Reactions) :-
वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक पदार्थ संयोग करके नए पदार्थ का निर्माण करते हैं, उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा जब दो अभिकारक आपस में मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं तो उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा ऐसी अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर केवल एक उत्पाद का निर्माण करते हैं, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है।
जैसे:-$2H_2+O_2→2H_2 O$
$CaO+H_2 O→Ca(OH)_2 $
$NH_3+HCl→NH_4 Cl$
$CO+Cl_2→COCl_2 $
नोट :- संयोजन अभिक्रिया को संश्लेषण अभिक्रिया भी कहते हैं।
(2) वियोजन या विघटन अभिक्रिया (Dissociation or Decomposition Reaction) :-
वह ऐसी अभिक्रिया जिसमें एकल अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक सरल उत्पाद का निर्माण करते हैं, वियोजन अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा ऐसी अभिक्रिया जिसमें किसी यौगिक के बड़े अणु के टूटने से दो या दो से अधिक सरल यौगिक बनते हैं, उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा जिस रासायनिक अभिक्रिया में एकल पदार्थ (अभिकारक) वियोजित होकर एक से अधिक छोटे-छोटे उत्पाद बनाते हैं उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा किसी अभिक्रिया के बाद कोई पदार्थ जब दो या दो से अधिक उत्पाद प्रदान करता है, तो उस अभिक्रिया को वियोजन अभिक्रिया कहते हैं।
जैसे:-$H_2 O→H_2+O_2 $
$CaCO_3→CaO+CO_2 $
नोट :- वियोजन अभिक्रिया को अपघटन अभिक्रिया भी कहते हैं। यह संयोजन अभिक्रिया की विपरीत होती है।
ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रियाएं (Exothermic and Endothermic Reaction Reaction)
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction) :-
जिस रासायनिक अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा उत्पन्न होती है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा जिस रासायनिक अभिक्रिया में उत्पाद के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है अर्थात ऊष्मा का भी उत्सर्जन होता है। उसे ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।
जैसे:-$CH_4+2O_2→CO_2+2H_2 O+Energy$
$C_6 H_12 O_6+6O_2→6CO_2+6H_2 O+Energy$
नोट :- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में तापमान बढ़ता है जैसे श्वसन, दहन आदि।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction) :-
जिस रासायनिक अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा अवशोषित होती है, ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा जिस रासायनिक अभिक्रिया में ऊष्मा का अवशोषण होता है, उसे ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें ऊर्जा अवशोषित होती है, ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहलाती है।
जैसे:-$N_2+O_2→2NO-Energy$
$C+2S→CS_2-Energy$
नोट :- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में तापमान घटता है।
(3) विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) :-
जब कोई एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, तो उसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक क्रियाशील तत्व अपने से कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक क्रियाशील पदार्थ अपने से कम क्रियाशील पदार्थ को विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा ऐसी अभिक्रिया है जिसमें अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व के यौगिक से उस तत्व को विस्थापित कर देता है तथा स्वयं उसका स्थान ग्रहण कर लेता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
नोट :- विस्थापन अभिक्रिया को प्रतिस्थापन अभिक्रिया भी कहते हैं।
विस्थापन अभिक्रिया के प्रकार — (Types of Displacement Reactions –) :-
विस्थापन अभिक्रिया दो प्रकार की होती है।
- एकल विस्थापन अभिक्रिया।
- द्वि विस्थापन अभिक्रिया।
(1) एकल विस्थापन अभिक्रिया (Single Displacement Reaction) :-
वह अभिक्रिया जिसमें किसी यौगिक में उपस्थित किसी परमाणु या परमाणुओं के समूह को किसी दूसरे परमाणु द्वारा विस्थापित कर दिया जाता है, तो इसे एकल विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा ऐसी अभिक्रिया जिसमें किसी यौगिक में उपस्थिति परमाणु या परमाणु के समूह को किसी दूसरे परमाणु द्वारा विस्थापित कर दिया जाता है, उसे एकल विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा ऐसी अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक के परमाणु या परमाणु समूह का दूसरे अभिकारक के परमाणु या परमाणु समूह से विस्थापन हो जाता है, एकल विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
(2) द्वि विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction) :-
वह अभिक्रिया जिसमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, द्वि विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा ऐसी अभिक्रिया जिसमें उत्पादों का निर्माण अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान करने से होता है द्वि विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
अथवा वह अभिक्रिया जिसमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है उन्हें द्वि विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
उपचयन एवं अपचयन अभिक्रिया (Oxidation and Reduction Reactions)
उपचयन या ऑक्सीकरण अभिक्रिया (Oxidation Reaction) :-
वह अभिक्रिया जिसमें ऑक्सीजन की वृद्धि अथवा हाइड्रोजन की कमी होती है उसे उपचयन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह अभिक्रिया जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि (योग) या हाइड्रोजन का ह्रास (कमी/निष्कासन) होता है, उसे उपचयन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि (जुड़ना) या हाइड्रोजन का ह्रास (निकालना) या इलेक्ट्रॉनों का त्याग (ह्रास) होता है, उसे उपचयन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा इलेक्ट्रॉन त्याग करने के प्रक्रम को उपचयन या ऑक्सीकरण कहते हैं। अर्थात वह अभिक्रिया जिसमें इलेक्ट्रॉनों का त्याग होता है ऑक्सीकरण या उपचयन अभिक्रिया कहलाती है।
अपचयन अभिक्रिया (Reduction Reaction) :-
वह अभिक्रिया जिसमें ऑक्सीजन की कमी अथवा हाइड्रोजन की वृद्धि होती है, उसे अपचयन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह अभिक्रिया जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि होती है, उसे अपचयन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास (निकालना) या हाइड्रोजन की वृद्धि (जुड़ना) या इलेक्ट्रॉनों का लाभ (वृद्धि) होती है, उसे अपचयन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने के प्रक्रम को अपचयन कहते हैं अर्थात वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें इलेक्ट्रॉन ग्रहण किए जाते हैं, अपचयन अभिक्रिया कहलाती है।
रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction) :-
वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक का ऑक्सीकरण तथा दूसरे अभिकारक का अपचयन होता है। उसे रेडॉक्स अभिक्रिया या उपचयन-अपचयन अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह अभिक्रिया जिसमें उपचयन और अपचयन अभिक्रिया एक साथ (साथ-साथ) होती है। उसे रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें ऑक्सीकरण और अपचयन अभिक्रिया एक ही साथ और एक ही समय पर संपन्न होती है। उसे रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation reaction) :-
जिस रासायनिक अभिक्रिया में अवक्षेप बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।
अथवा वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो विलयनों के आपस में मिलने पर एक अघुलनशील ठोस पदार्थ बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं। इस ठोस पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं, जो विलयन में नीचे बैठ जाता है।
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