Basics | Concepts | Examples | Class 12 Maths Chapter 1 Exercise 1.1 (फलन एवं सम्बंध)
Basics | Concepts | Examples | Class 12 Maths Chapter 1 Exercise 1.1 (फलन एवं सम्बंध)
समुच्चय (Set) —
वस्तुओं के सुपरिभाषित समूह या संग्रह (collection) को समुच्चय कहते हैं।
अथवा वस्तुओं का वह समूह जिसमें मौजूद हर वस्तु किसी खास/विशेष गुण को पूरा करती हो, उसे समुच्चय कहते हैं।
समुच्चय को अंग्रेज़ी में ‘सेट’ (Set) कहते हैं। समुच्चय में मौजूद सभी वस्तुओं को अवयव (element) कहते हैं। समुच्चय में मौजूद अवयव अलग-अलग होने चाहिए। जैसे — $ A = ${$1, 2, 3$}
Note:- (1) कोई वस्तु या पद तभी और केवल तभी उस समुच्चय का सदस्य कहलाता है, जब इसमें उस वस्तु का गुण हो।
(2) किसी समुच्चय में दो अथवा दो से अधिक अवयव एकसमान नहीं होने चाहिए। अर्थात समुच्चय में अवयवों की पुनरावृत्ति नहीं होती है।
क्रमित युग्म (Ordered Pair) —
दो अवयवों के ऐसे जोड़े को जिनका क्रम निश्चित हो, क्रमित युग्म (ordered pair) कहते हैं। अर्थात यदि इस युग्म में क्रम का भी महत्व हो। यदि किसी क्रमित युग्म का पहला अवयव $a$ तथा दूसरा अवयव $b$ हो तो इस क्रमित युग्म को $(a, b)$ के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
$B=${$b,……$}
$a ∈ A$
$b ∈ B$
तब क्रमित युग्म $=(a,b)$
$R=${$(1,2),(2,3)……$}
NOTE: (1) क्रमित युग्म $(a,b)$ और $(b,a)$ भिन्न-भिन्न होते हैं। $a$ को $(a,b)$ का प्रथम निर्देशांक और $b$ को द्वितीय निर्देशांक कहते हैं।
(2) $(a,b)$ और $(c,d)$ क्रमित युग्म बराबर होते हैं यदि और केवल यदि $a=c$ और $b=d$ हो। $(a,b) = (c,d)$ यदि $a=c$ और $b=d$.
समुच्चय तथा क्रमित युग्म में अन्तर —
समुच्चय तथा क्रमित युग्म में यह अन्तर होता है कि समुच्चय केवल अपने अवयवों द्वारा परिभाषित होता है और उनके क्रम का महत्व नहीं होता है, जबकि क्रमित युग्म में अवयवों के अतिरिक्त क्रम का भी महत्व होता है।
जैसे – समुच्चय {$a, b$} तथा {$b, a$} समान हैं लेकिन क्रमित युग्म ($a, b$) एवं ($b, a$) अलग-अलग हैं।
कार्तीय गुणन (Cartician Product) —
दो समुच्चयों $A$ तथा $B$ के सभी क्रमित युग्मों $(a, b)$ के समुच्चय को कार्तीय गुणन कहते हैं। जहाँ $a ∈ A$ और $b∈ B.$ कार्तीय गुणन को $A×B$ से प्रदर्शित करते हैं।
दो समुच्चयों A तथा B का कार्तीय गुणन –
$A × B =$ {$(a, b), a ∈ A, b∈ B$}यदि $A=${$a,b$}
$B=${$1, 2, 3$}
$A× B=${$a,b$}×{$1,2,3$}
$A× B=${$(a,1),(a,2),(a,3),(b,1),(b,2),(b,3)$}
$B×A=${$(1,a),(1,b),(2,a),(2,b),(3,a),(3,b)$}
$A×B= A$ व $B$ के बीच कुल सम्बन्धों की संख्या (कार्तीय गुणनफल)
$A=ϕ, B=ϕ$
$R⊆A×B$
जैसे $A =${$1,2,3$} तथा $B=${$4, 5, 6$} तो -
1→4, 1→5, 1→6 2→4, 2→5, 2→6 1→4 1→5 1→4 1→5
$A×B =${$(1,4),(1,5),(1,6),(2,4),(2,5),(2,6),(3,4),(3,5),(3,6)$}
विशेष सम्बंध :–
$R=${$(x,y) ∶ y=x+3, ∀x∈A, y∈B$}$R=${$(1,4),(2,5),(3,6)$}
∵ $R⊂ A×B$
∴ $R$ is Relation.
⇒ $A=${$1, 2, 3$} तथा $B=${$a, b, c$}
$R_1=${$(1,a),(2,3),(3,3)$}
$R_2=${$(1,a),(2,b),(3,a)$}
$A×B =${$(1,a),(1,b),(1,c),(2,a),(2,b),(2,c),(3,a),(3,b),(3,c)$}
⇒ Universal Relation (सार्वत्रिक सम्बंध)
$R=${$(x,y) ∶ y>x, ∀x∈A, y∈B$}$A×B =${$(1,4),(1,5),(1,6),(2,4),(2,5),(2,6),(3,4),(3,5),(3,6)$}
∵ $R= A×B$
∴ $R$ is Universal Relation (सार्वत्रिक सम्बंध)।
⇒ Empty Relation (रिक्त सम्बंध) —
$R=${$(x,y)$ ∶ $y$R$ is Empty Relation (रिक्त सम्बंध)।
Note : (i) $R⊆A×A, R$ is Relation
(ii) $R= A×A,$ $R$ is Universal Relation
(iii) $R=ϕ$, $R$ is Empty Relation
सम्बन्धों के प्रकार (Types of Relations)
(1) रिक्त सम्बंध (Empty Relation) —
यदि $A =${$1,2,3,8,10,11$}$R=${$(a,b) ∶ a-b=4$}
Here $R$ is Empty Relation.
(2) सार्वत्रिक सम्बंध (Universal Relation) —
यदि $A =${$1,2,3$}$R=${$(1,1),(1,2),(1,3),(2,1),(2,2),(2,3),(3,1),(3,2),(3,3)$}
$A×A =${$1,2,3$}× {$1,2,3$}
$A×A =${$(1,1),(1,2),(1,3),(2,1),(2,2),(2,3),(3,1),(3,2),(3,3)$ }
∵ $R= A×A$
∴ $R$ is Universal Relation (सार्वत्रिक सम्बंध)।
(3) तत्समक सम्बंध (Identity Relation) —
यदि $A=${$1,2,3$}$R=${$(1,1),(2,2),(3,3)$}
$I_A=${$(a,a) ∶ a∈ A$}
Here $R$ is Identity Relation.
(4) स्वतुल्य सम्बंध (Reflexive Relation) —
यदि $a∈ A,(a,a) ∈ R$Here $R$ is Reflexive Relation.
Example:– यदि $A=${$1,2,3$}
(i) $R_1=${$(1,1),(3,3)$}
∵ $(2,2) ∉ R$
∴ $R_1$ is not a reflexive relation.
(ii) $R_2=${$(1,1),(2,2),(3,3),(1,2)$}
∵ $(1,1), (2,2),(3,3)∈ R$
∴ $R_2$ is a reflexive relation.
(iii) $R_3=${$(1,1),(2,2),(1,2),(2,1)$}
∵ $(3,3) ∉ R$
∴ $R_3$ is not a reflexive relation.
(5) सममित सम्बंध (Symmetric Relation) —
यदि $(a,b)∈ A$$(a,b),(b,a) ∈ R$
या यदि $A =$ {$(a_1,a_2,a_3,…)$}
$a_1,a_2 ∈ A$
$(a_1,a_2)∈ R$,
$(a_2,a_1) ∈ R$
Then $R$ is a Symmetric Relation.
Example:– यदि A={1,2,3}
(i) $R_1=${$(1,2),(2,2),(2,1)$}
∵ $(1,2) ,(2,1)∈ R$
∴ $R_1$ is a symmetric relation.
(ii) $R_2$={$(1,1),(2,2),(3,3),(1,2)$}
∵ $(1,2) ∈ R$
तथा $(2,1) ∉ R$
∴ $R_2$ is not a symmetric relation.
(6) संक्रामक सम्बंध (Transitive Relation) —
यदि $a, b, c ∈ A$ ,और $(a,b) ∈ R,$
$(b,c) ∈ R,$
तो $(a,c) ∈ R$
Here $R$ is Transitive Relation (संक्रामक सम्बंध). Example:– यदि $A=${$1,2,3$}
(i) $R_1=${$(1,1),(2,2),(3,3),(1,2),(2,3),(1,3)$}
∴ $R_1$ is a transitive relation.
(ii) $R_2=${$(1,1),(2,1),(1,2)$}
∵ $(2,1) ∈ R$
तथा $(1,2) ∈ R$
तथा $(2,2) ∉ R$
∴ $R_2$ is not a transitive relation.
Example 2 :– $a, b, c$ (भाई, भाई)
∵ $a, b, c ∈$ बालक (male)
(7) तुल्यता सम्बंध (Equivalence Relation) —
यदि कोई सम्बंध (i) स्वतुल्य सम्बंध (ii) सममित सम्बंध (iii) संक्रामक सम्बंध हो तो वह सम्बंध तुल्यता सम्बंध होता है। अर्थात — $a ∈ A, (a,a)∈ R$$a_1,a_2∈A, (a_1,a_2 ),(a_2,a_1 )∈R$
$a_1,a_2,a_3∈ A, (a_1,a_2 ),∈R$
$(a_2,a_3 ),∈R$
$(a_1,a_3 ),∈R$
यदि तीनों शर्तें लागू हों तो वह सम्बंध तुल्यता सम्बंध होगा।
प्रान्त (Domain) :–
यदि $R⊆ A×B$$R=${$(1,a),(2,b),(3,c),(4,d)$}
प्रान्त (Domain)={$1,2,3,4$}
परिसर (Range)={$a,b,c,d$}
सहप्रान्त (Co-domain)={$a,b,c,d,e$}
Example:— यदि $R=${$(x,y) ∶ x+2y=8$} प्राकृतिक संख्या $N$ में एक सम्बंध है तो सम्बंध के प्रान्त, सहप्रान्त, परिसर ज्ञात कीजिए।
हल:– दिया है– $R=${$(x,y): x+2y=8$}∵ $x+2y=8$
$2y=8 - x$
$y={(8 - x)}/2$
जब $x=1$ तो $y=7/2, 7/2∉ N$
$x=2$ तो $y=3, 3∈ N$
$x=4$ तो $y=2, 2∈ N$
$x=6$ तो $y=1, 1∈ N$
∴ $R=${$(2,3),(4,2),(6,1)$}
प्रान्त (Domain)={$2,4,6$},
परिसर (Range)= {$3,2,1$},
सहप्रान्त (Co-domain)= {$N$} Ans.
Example 2:– जाँच कीजिए कि $R$ स्वतुल्य, सममित, संक्रामक है यदि $A=${$1,2,3,…13,14$} में R इस प्रकार परिभाषित है कि $R=${$(x,y) ∶ 3x-y=0$} ।
हल:– दिया है–Example 3:– सिद्ध किजिए की समुच्चय $A=$ {$1,2,3,4,5$} में सम्बंध $R=${$(a,b) ∶ a-b,2$ से विभाज्य है } एक तुल्यता सम्बंध है तथा Equivalence Classes भी ज्ञात कीजिए।
हल:– दिया है– $A=${$1,2,3,4,5$} तथा $R=${$(a,b) ∶ a-b, 2$ से विभाज्य है}(i) स्वतुल्य सम्बंध —
यदि $a∈ A, (a,a) ∈ R$
$(a,a)=0,2$ से विभाज्य है।
$(a,a) ∈ R$
अतः $R$ स्वतुल्य सम्बंध है।
(ii) सममित सम्बंध —
यदि $(a,b) ∈ R$
तो $|a-b|, 2$ से विभाज्य है।
$|-(b-a)|, 2$ से विभाज्य है।
$|b-a|, 2$ से विभाज्य है।
∴ $(b,a)∈R$
अतः $R$ सममित सम्बंध है।
(iii) संक्रामक सम्बंध —
यदि $(a,b) ∈ R$
तो $|a-b|, 2$ से विभाज्य है।
यदि $(b,c) ∈ R$
तो $|b-c|, 2$ से विभाज्य है।
समी(1) और (2) से
$|a-b|+|b-c|, 2$ से विभाज्य है।
$|a-b+ b-c|, 2$ से विभाज्य है।
$|a-c|, 2$ से विभाज्य है।
∴ $(a,c)∈R$
अतः $R$ संक्रामक सम्बंध है।
∵ $R$ स्वतुल्य सम्बंध, सममित सम्बंध व संक्रामक सम्बंध है।
अतः $R$ तुल्यता सम्बंध है। Ans.
Equivalence Classes — {1}={1,3,5},
{2}={2,6},
{3}={1,3,5},
{4}={2,4},
{5}={1,3,5}, Ans.
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