Formula | Concept | Examples | Class 12 Maths Chapter 1 Exercise 1.4 (फलन एवं सम्बंध)

Formula | Concept | Examples | Class 12 Maths Chapter 1 Exercise 1.4 (फलन एवं सम्बंध)

द्विआधारी संक्रियाएं (Binary Operations)

(1) क्रम विनिमय (cumulative)
(2) साहचर्य (assosiative)
(3) तत्समक (Identity)
(4) प्रतिलोम (Inverse)

द्विआधारी संक्रियाएं (Binary Operations)

किसी समुच्चय A में एक द्विआधारी संक्रिया एक फलन :A×A→A है। हम (a,b) को ab द्वारा निरूपित करते हैं।

A समुच्चय *→ द्विआधारी संक्रिया
एक फलन *:A×A→A
*:A×A→A
(a,b)∈A×A
:(a,b)→ab

Example 1 — 
N={1,2,3,4,5,…}
2,3∈N
2+3=5∈N
+, N में द्विआधारी संक्रिया है।
N={1,2,3,4,5,…}
2,3∈N
2-3=-1∉N
-, N में द्विआधारी संक्रिया नहीं है।

Example 2 —
  A={1,2,3} 
A×A={1,2,3}  ×{1,2,3} 
=(1,1),(1,2),(1,3),(2,1),(2,2),
 (2,3),(3,1),(3,2),(3,3)

संकेतन — 
+:(a,b)→a+b,
×:(a,b)→a×b,
×:A×A→A

Example 3 — 
माना R = वास्तविक संख्याएं, संक्रिया +
+:→a+b,
(a,b)∈R×R,न कि (a,b)∈R
+:(a,b)→a+b,
+:R×R→R,
 यहां R×R प्रान्त (domain)  तथा→R सहप्रान्त (codomain)

(1) क्रम विनिमय (cumulative) :—

समुच्चय X में एक द्विआधारी संक्रिया क्रम विनिमय कहलाती है, यदि प्रत्येक a,b,∈X के लिए ab=b*a,  हो। ∀ A में एक द्विआधारी संक्रिया * क्रम विनिमय होगी यदि —
a*b=b*a,∀a,b,∈set X

 
Example 4 — 
N={1,2,3,4,5,…}
*=+
a*b=b*a, 
यदि a=2,b=3 तब —
2*3=3*2
2+3=3+2
5=5
Here + is cumulative operation.

Example 5 —  *R×R→R
a*b=a+3b
a*b=b*a
a+3b=b+3a
यदि a=3,b=4 तब —
3+3×4=4+3×3
3+12=4+9
15≠13
Here * is not cumulative operation.

(2) साहचर्य संक्रिया (cumulative) :—

एक द्विआधारी संक्रिया :A×A→A साहचर्य संक्रिया है। यदि (ab)*c=a*(b*c),∀a,b,c∈A. A में * एक द्विआधारी संक्रिया, साहचर्य द्विआधारी संक्रिया होगी।


Example 6 —  +:N×N→N
1,2,3,4,…∈N
(a*b)*c=a*(b*c)
(1*2)*3=1*(2*3)
(1+2)+3=1+(2+3)
3+3=1+5
6=6
Here + , N में साहचर्य संक्रिया है।

Note: Natural Numbers⇒N=1,2,3,… Integers⇒Z=∞,…,-2,-1,0,1,2,…,∞
Real Numbers⇒R=Integers,fractions,irretional numbers

(3) तत्समक अवयव (Identity Element) :—

किसी प्रदत्त द्विआधारी संक्रिया :A×A→A के लिए एक अवयव e∈A, यदि इसका अस्तित्व है। यदि ae=a=e*a,∀∈A. तो e तत्समक अवयव कहलाता है।
A में द्विआधारी संक्रिया * के लिए e तत्समक होगा यदि – a*e=a=e*a,∀∈A.


Example 7 — 
×:N×N→N
1,3∈N
a*e=a=e*a
1*3=3=1*3
3=3=3
Hence, e=1, 1 is Identity for N.

Note: (a) तत्समक अवयव अद्वितीय होता है।
(b) अवयव का व्युत्क्रम प्रत्येक पद का अलग-अलग (unique) होता है।


(4) अवयव का प्रतिलोम (Inverse of an Element) :—

A में, तत्समक अवयव e वाले एक प्रदत्त द्विआधारी संक्रिया :A×A→A के लिए किसी अवयव a∀∈A को संक्रिया के संदर्भ में व्युत्क्रमणीय (Inverse) कहते हैं। यदि A में ऐसे अवयव b का अस्तित्व है कि a*e=a=e*a हो तो b को a का प्रतिलोम (Inverse) कहते हैं। जिसे प्रतीक a^(-1) से निरूपित किया जाता है।


a*b=e=b*a
a^(-1)=b or b^(-1)=a

Example 8 — 
+:R×R→R
e=0
2∈N,-2∈R
2+(-2)=0
और-2+2=0
अर्थात (2)^(-1)=-2
For + operation, inverse of 2 is (-2).

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